मकराना मार्बल अपनी दुनिया में एक अलग ही पहचान रखता है। राजस्थान राज्य के डीडवाना कुचामन जिले की मकराना तहसील में इसका खनन बड़ी ही संख्या में होता है। यहाँ पर अलग अलग तरह के रंग और डिजाइन के मार्बल निकलते है। आज हम आपके सामने मकराना मार्बल से जुड़े कुछ अनसुने रोचक तथ्य आपके साथ शेयर करंगे।

मकराना मार्बल से जुड़े 10 रोचक तथ्य
- मकराना में सबसे अच्छा सफ़ेद मार्बल निकलता है; जिससे ताजमहल का निर्माण हुआ है। जो विश्व के 7 अजूबो में आता है।
- मकराना में अल्बेटा नाम से मार्बल निकलता है जो अपनी मानव आकृति के अवशेषो के लिए प्रसिद्ध है।
- मकराना मार्बल के बड़े बड़े ब्लॉक् से मुर्तिया बनाई जाती है ,जिससे विश्व के सैंकड़ो मंदिरो में स्थापित किया गया है।
- मकराना का पत्थर मंदिरो की बनावट में अलग ही पहचान रखता है ,जिससे जयपुर का बिड़ला मंदिर नव निर्मित राम मंदिर का गर्भगृह बना है।


- मकराना मार्बल के छोटे छोटे पत्थर पर नक्काशी करके कलाकृति बनाई जाती है जैसे टेबल घड़ी ,मसाले पीसने की खरल ,रोटी बनाने का चकला और सिन्दूर डिब्बी बनाई जाती है।
- मार्बल पत्थर से घर की चौखट ,सीढ़ियों और दिवार की अलग अलग रेलिंग बनाई जाती है ,जो घर को आकर्षक बनाती है।
- मकराना के सफ़ेद और गुलाबी पत्थर से बनी मूर्तियों पर कलाकारी बहुत ही मनमोहक और दर्शनीय होती है , जैसे हाथी ,घोड़े ,शेर।
- मकराना में सफ़ेद और अल्बेटा के अलावा भी कुम्हारी ,डूंगरी और गुलाबी रेंज का भी मार्बल भी निकलता है।
- मकराना मार्बल को ले जाने के लिए सभी जगहों के लिए ट्रांसपोर्ट की व्यवस्था मिल जाती है।
- मकराना की डूंगरी रेंज दुनिया की सबसे पुरानी खदान है जो 2000 सालो से चलती आ रही है।

